दलित पांव में पड़ी बेड़ियाँ मिलकर काटों रे दलिता जागों रे 

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डीग। कस्वें के नई सड़क स्थित भीम आश्रम पर संविधान निर्माता बाबा साहेब डाँ. भीमराव अंबेडकर की 128वीं जंयती के उपलक्ष्य में दिल्ली एम्स के पूर्व निर्देशक डाँ. पदम सिंह के मुख्य अतिथि में अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया ।जहां कार्यक्रम का शुभारम्भ कोटा से पधारें जगदीश भारती ने “दलित पांव में पड़ी बेड़िया मिलकर काटों रे दलिता जागों रें” के साथ तालिया बटोरी,”बाँरा से पधारी कवियत्री अनुराधा अनु ने पास आना नहीं अब कसम है तुम्हे,पास आओगें तो जल जाओगें सुनाकर श्रोताओं को लोटपोट कर दिया ,कोटा के गोरीशंकर सोनगरा ने कश्मीर सीमा विवाद पर कविता आजादी के शीध्र बाद सीमा पर बैन लगा देते,अब तक इन साँपों का हम पूरा जहर सुखा देते,सुनाकर पूरें वातावरण को ओजमय बना दिया,कासगंज से पधारी दीप्ती दीप ने यूँ तो मिल जाती है छाँव हर दरख्त तलें,बात तब है जब कोई धूप में चलना सीखे ,इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक कवि चन्द्रभान चद्र ने भी कविता सुनाई,इसके अलाबा लाखनसिंह हलचल मथुरा,छुट्टन खाँ सरल कामां,मोहनसिंह निर्भीक,सुनिल कर्दम ने भी कविताऐं सुनाकर श्रोताओं को तालियाँ बटोरने पर मजबूर कर दिया ।इस अवसर पर सोहनलाल भारती,नगरपालिका चेयरमेंन प्रतिनिधि मुकेश मथुरिया,हरि जाटव,वंदनसिंह भूरा मास्टर,बाबूलाल पोस्टमास्टर,मिठ्ठू सिंह साँकला,वेदराज रैगर,जीतू,भगवान सिंह कोली,जयप्रकाश तमोलिया सहित अनेक लोग मौजूद थे ।

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