कांग्रेस के साथ जम नहीं रहा JDS का गठबंधन, कुमारस्वामी ने दी इस्तीफे की धमकी

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बेंगलुरू। कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस में बढ़ रही तल्खी के बीच मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने सोमवार को इस्तीफा देने की धमकी देते हुए कहा कि उन्होंने कभी सत्ता की ‘लालसा’ नहीं की। उनका बयान ऐसे वक्त आया है, जब सत्तारूढ़ कांग्रेस के एक विधायक ने मांग की थी कि सिद्धरमैया को फिर से मुख्यमंत्री बनाया जाए। रविवार को शहर में एक कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक एस टी सोमशेखर ने दावा किया था कि यहां और राज्य के अन्य हिस्से में काम ठप पड़ता जा रहा है। बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि अगर मेरे काम-काज का तरीका पसंद नहीं है तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं। मुझे पद की लालसा नहीं है।

‘ग्रीन लाइन’ के ‘मंत्री स्कवायर मेट्रो स्टेशन’ पर छह कोच वाले मेट्रो रेल को समर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार ने उपनगरीय ट्रेन, एलिवेटेड कॉरिडोर और रिंग रोड के साथ ही एक लाख करोड़ रूपये की परियोजनाएं शुरू की।’ वहां पर मौजूद रहे कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने कहा कि कांग्रेस विधायकों के इस तरह के बयान स्वीकार्य नहीं है और उनको (कांग्रेस विधायक को) कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। राव ने संवाददाताओं से कहा कि आज 8,000 करोड़ रूपये का काम हो रहा है। मैं इस तरह के सार्वजनिक बयानों की निंदा करता हूं और उन्हें ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करूंगा।

उन्होंने कहा कि सुबह एस टी सोमशेखर के बयान पर मेरी नजर गयी। यह अनुशासन का उल्लंघन है। गठबंधन सरकार ने बेंगलुरू में विकास के ढेर सारे काम किए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व की सिद्धरमैया सरकार द्वारा मंजूर कार्य भी कराए जा रहे हैं। राव ने कहा कि सोमशेखर बेंगलुरू विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि उनका सार्वजनिक बयान अनुचित है। मैं इसकी निंदा करता हूं और मैं उनको ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करूंगा। उन्होंने कहा कि अगर हमारी सरकार में किसी तरह की कमियां है, तो उनको मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर से चर्चा करनी चाहिए…हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और कर्नाटक प्रभारी के वी वेणुगोपाल ने एक ट्वीट में कहा कि कर्नाटक पीसीसी को विधायक सोमशेखर को ‘कारण बताओ’ नोटिस भेज कर उनकी विवादास्पद टिप्पणी के लिए स्पष्टीकरण मांगने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि अगर स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं हुआ तो पार्टी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। कांग्रेस अनुशासनहीनता वाले इस तरह के बयान और कदम को बर्दाश्त नहीं करेगी। सोमशेखर ने रविवार को कहा था कि गठबंधन सरकार पिछले सात महीने से सत्ता में है लेकिन एक भी काम नहीं हुआ है।

विधायक की मांग को खारिज करते हुए सिद्धरमैया ने कहा था कि गठबंधन सरकार पांच साल के लिए है, और उनके मुख्यमंत्री बनने का सवाल ही नहीं उठता। सिद्धरमैया ने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री बनने का सवाल ही नहीं उठता। यह सरकार पांच साल के लिए है।

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