स्कूली बच्चों को गुणवत्तायुक्त पोषाहार की उपलब्धता होगी सुनिश्चित, बायोमेट्रिक्स के उपयोग का होगा परीक्षण

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-शिक्षा राज्य मंत्री

जयपुर। शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने विधानसभा में कहा है कि राज्य सरकार स्कूली बच्चों को मिड डे मील योजना के अन्तर्गत पारदर्शी तरीके से अच्छी गुणवत्ता युक्त पोषाहार उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चत करेगी। पोषाहार एफसीआई से डीएसओ द्वारा प्राप्त किए जाने के बाद विद्यालयों में भेजा जाता है। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता को और बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक्स के उपयोग का परीक्षण कराया जाकर निर्णय किया जाएगा।

डोटासरा सोमवार को सदन में प्रश्नकाल के दौरान विधायकों के इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा इस समय स्कूलों में पोषाहार वितरण के लिए अलग से अधिकारी लगाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।

इससे पूर्व विधायक  ओमप्रकाश हुड़ला के मूल प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिड-डे-मील योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक के 62.22 लाख नामांकित विद्यालयों में से उपस्थित विद्यालयों हेतु निर्धारित मापदण्डों के अनुसार गेहूं, चावल उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। तेल, मसाले, सब्जी, दाल एवं ईंधन इत्यादि हेतु प्रति छात्र प्रतिदिन भोजन पकाने की लागत राशि उपलब्ध करवाये जाने का प्रावधान है।

उन्होंने इसका जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि मिड-डे-मील योजना के तहत गत पांच वर्षो में कुल राशि 3062.55 करोड रूपये व्यय किए गए हैं। उन्होंने जिलेवार राशि का विवरण सदन में रखा। उन्होेंने बताया कि दौसा जिले में कक्षा 1 से 8 तक कुल नामांकित 131065 विद्यालयों हेतु भोजन उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। विद्यालयों में उपस्थित विद्यालयों को भोजन उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने निर्धारित मापदण्डों के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों हेतु उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री का विवरण सदन में रखा।

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